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जल गंगा संवर्धन अभियान से जल संरक्षण को मिल रहा नया आयाम

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भोपाल

मध्यप्रदेश में जल संरक्षण को लेकर राज्य सरकार द्वारा प्रारंभ किया गया महत्वाकांक्षी ‘जल गंगा संवर्धन अभियान’ जनान्दोलन का रूप ले रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की उपस्थिति में महाकाल की नगरी उज्जैन में क्षिप्रा नदी के तट से शुभारंभ के बाद अब यह अभियान पूरे प्रदेश में सक्रिय हो गया है। इसमें जल संरक्षण, रेनोवेशन, जलसंरचनाओं का पुनर्जीवन और जनजागरण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।

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बैतूल के काशी तालाब और पूर्णा नदी घाट पर हुआ श्रमदान

बैतूल जिले में जन अभियान परिषद के तत्वावधान में काशी तालाब में स्वच्छता अभियान और श्रमदान आयोजित किया गया। नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती पार्वतीबाई बारस्कर और जिला समन्वयक श्रीमती प्रिया चौधरी ने स्थानीय रहवासियों को तालाब स्वच्छ रखने और पॉलीथिन व कचरा न फेंकने की समझाइश दी। वहीं, विकासखंड भैंसदेही में मां पूर्णा नदी के घाट पर सामाजिक संगठनों और जनप्रतिनिधियों के सहयोग से स्वच्छता अभियान चलाया गया। इस दौरान 92 श्रमदानियों ने सहभागिता निभाई।

धार जिले में प्राचीन बावड़ियों के पुनर्जीवन की पहल

धार जिले की नगर परिषद राजगढ़ ने अभियान के तहत प्राचीन बावड़ियों, कुओं और तालाबों के पुनर्जीवन की दिशा में पहल की है। वार्ड क्रमांक 14 में बाबाजी के कुएं पर सफाई अभियान चलाकर जल संरक्षण की शपथ दिलाई गई। नगर परिषद विभिन्न जल स्रोतों की पहचान कर उन्हें पुनर्जीवित करने के प्रयास कर रही है।

जनभागीदारी से तालाब का गहरीकरण

मंदसौर जिले में जन अभियान परिषद के मार्गदर्शन में खेरखेड़ी तालाब का गहरीकरण किया गया। यह कार्य सामुदायिक भागीदारी के माध्यम से किया जा रहा है।

शाजापुर जिले में तालाब जीर्णोद्धार और रूफवाटर हार्वेस्टिंग कार्य प्रारंभ

कालापीपल विधायक घनश्याम चंद्रवंशी के नेतृत्व में ग्राम पंचायत भैसायागढ़ा में तालाब जीर्णोद्धार का कार्य शुरू हुआ। वहीं, ग्राम पंचायत खमलाय में रूफवाटर हार्वेस्टिंग कार्य का भूमि-पूजन भी किया गया।

दीवार लेखन और रैली से बढ़ी जागरूकता

कटनी जिले में दीवार लेखन और जागरूकता रैली के माध्यम से जल संरक्षण की प्रेरणा दी जा रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में 'बूंद-बूंद में शक्ति है, जीवन की यह भक्ति है' जैसे प्रेरक नारों का उपयोग कर जल संरक्षण का संदेश दिया जा रहा है।

18 तालाबों के गहरीकरण का कार्य प्रारंभ

नीमच जिले में जल संरचनाओं के निर्माण एवं संरक्षण के कार्यों में जन भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है। 173 तालाबों का गहरीकरण, 22 अमृत सरोवर, 7 तालाबों एवं 82 खेत तालाबों के निर्माण कार्य चिन्हित किए गए हैं। इनमें जिला प्रशासन, संबंधित विभाग के साथ जन-भागीदारी के साथ काम शुरू किया जा रहा है।

पृथ्वी तालाब एवं वीरपुरा तालाब का जीर्णोद्धार

ग्वालियर जिले में पृथ्वी तालाब और वीरपुरा तालाब के संरक्षण के लिए श्रमदान के माध्यम से कार्य प्रारंभ हुआ। कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान ने वृक्षारोपण कर अभियान की शुरुआत की।

युवाओं ने जल संरक्षण का लिया संकल्प

शिवपुरी जिले में नवांकुर संस्था ग्राम विकास प्रस्फुटन समिति और मुख्यमंत्री सामुदायिक नेतृत्व क्षमता विकास पाठ्यक्रम के तत्वावधान में भुजरिया तालाब में श्रमदान किया गया। युवाओं ने तालाब को स्वच्छ एवं निर्मल बनाने का संकल्प लिया।

तालाबों से हटेंगे अतिक्रमण, बनेंगे 19 नए अमृत सरोवर,

इंदौर जिले में पिछले वर्ष चलाए गए अभियान के तहत 101 नए अमृत सरोवर बनाए गए थे। इन सरोवरों को राजस्व अभिलेखों में दर्ज करने की कार्रवाई की जाएगी। अभियान में अमृत सरोवर 2.0 के तहत 19 नए तालाबों के निर्माण का लक्ष्य रखा गया है, जिस पर लगभग 4 करोड़ 18 लाख रुपये व्यय होना संभावित है। अब तक 10 स्थलों का चयन हो चुका है, जबकि शेष का चयन वैज्ञानिक (GIS) पद्धति से किया जाएगा।

अभियान के तहत राजस्व विभाग के साथ तालाबों का सीमांकन किया जाएगा। राजस्व अभिलेखों में नवीन तालाबों को दर्ज किया जाएगा। तालाबों पर अतिक्रमण को चिन्हित कर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जाएगी। तालाबों की सीमा को दर्शाने हेतु चॉदे-मुनारे बनाए जाएंगे। तालाबों का जन भागीदारी से गहरीकरण होगा। मनरेगा एवं अन्य योजनाओं से तालाब का जीर्णोद्धार और सुदृढ़ीकरण किया जाएगा। तालाबों में जल की आवक बढ़ाने के लिए इनलेट क्षमता बढ़ाई जाएगी। तालाबों के पास पौध-रोपण होगा। उपयोगकर्ता समूह बनाकर इनका संधारण एवं रख-रखाव किया जाएगा।

'जल गंगा संवर्धन अभियान' पूरे मध्यप्रदेश में व्यापक रूप से संचालित किया जा रहा है। जनभागीदारी से जल संरचनाओं के संरक्षण और पुनर्जीवन के कार्य किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की इस पहल से न केवल जल संकट से निपटने में मदद मिलेगी, बल्कि यह आने वाली पीढ़ियों के लिए जल सुरक्षा का मजबूत आधार भी बनेगा।

 

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