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टमाटर की कीमतें 40 रुपये से अधिक, कीमतों में और भी उछाल की संभावना, रसोई का बजट बिगड़ा

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 जबलपुर
 भीषण गर्मी में पांच से 10 रुपये प्रति किलो में बिकने वाला टमाटर अब 30 से 40 रुपये फुटकर भाव के साथ इतरा रहा है। मानसून की दस्तक के साथ महज एक सप्ताह में भाव में 20-30 रुपये का उछाल दर्ज किया गया है। स्थानीय मंडी के थोक कारोबारियों के अनुसार बरेला व सिहोरा से आने वाला लोकल टमाटर बारिश के बीच खराब हो गया है और बाजार तक पहुंचते हुए खराब हो रहा है। लोकल टमाटर की आवक 5 प्रतिशत रह गई है, जिसके कारण लोकल माल मंडी से गायब होने के कारण जबलपुर में बेंगलुरू के टमाटर की पूछपरख बढ़ गई है। अभी मंडी पहुंचते-पहुंचते बेंगलुरू के टमाटर के थोक भाव 25 रुपये के पास खुल रहे हैं।

वहीं फुटकर बाजार में इसकी कीमत 30 से 40 के बीच बनी हुई है। माना जा रहा है कि टमाटर की कीमत में अभी और उछाल आएगा। पिछले साल इन दिनों में टमाटर के भाव 40 रुपये के ऊपर पहुंच गए थे। बेंगलुरू से टमाटर की बड़ी खेप के रूप में अभी दैनिक 8 से 10 ट्रक आ रहे हैं, जबकि बिलासपुर व उत्तर प्रदेश के माल की पूछपरख नगण्य है। इस बीच स्थानीय बाजार में सब्जी के भाव में मंदी का रुख है। साथ ही खाद्य तेल के भाव भी नीचे बने हुए है। सोयाबीन तेल जो पिछले सप्ताह तक 2200 से 2300 के आसपास बना हुआ था। उसमें लगातार गिरावट के बाद भाव प्रति 15 किग्रा 2100 के आसपास बने हुए हैं।

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40 के ऊपर पहुंचने की संभावना

लोकल बाजार में बेंगलुरू का टमाटर अभी 40 रुपये तक बिक रहा है। इस बार जुलाई-अगस्त तक लोकल बाजार में मांग की पूर्ति बेंगलुरू के टमाटर की जाएगी। थोक व फुटकर व्यापारियों की मानें तो आने वाले दिनों में टमाटर के भाव में 10 रुपये तक और तेजी आने की संभावना है। हालांकि यह मांग और आपूर्ति पर काफी कुछ निर्भर करता है। चूंकि छत्तीसगढ़ और उत्तर प्रदेश बेल्ट के माल की पूछपरख कमजोर होने के कारण दक्षिण भारतीय शहर के माल की रौनक बनी हुई है। अभी आवागमन सामान्य होने के कारण एक दिन में बेंगलुरू से एक दिन में टमाटर की खेप पहुंच रही है। बढ़ती मांग के कारण 10 गाड़ी तक दैनिक टमाटर के कैरिट पहुंच रहे हैं।

इधर खाद्य तेलों में नरमी का रुख

एकतरफ जहां टमाटर में तेजी भोजन का जायका बिगाड़ रहे हैं, वहीं खाद्य तेलों के फुटकर भाव में गिरावट का दौर बने रहने से गृहणियों को राहत है। सर्वाधिक बिकने वाला सोयाबीन तेल जो जून के पहले सप्ताह में 2200 रुपये प्रति 15 लीटर के भाव बिक रहा था। वह करीब 20 दिन में 100 रुपये टूटकर 2100 रुपये प्रति 15 लीटर नरम है। वहीं सनफ्लावर खाद्य तेलों में भी गिरावट बनी हुई है। वनस्पति घी में सर्वाधिक गिरावट देखी जा रही है। जून के पहले हफ्ते में रूचि नंबर-1 प्रति 15 लीटर 1940 रुपये के भाव पर था। जो अब करीब 240 रुपये की गिरावट के साथ 1700 रुपये के भाव पर बिकने तैयार है।

बारिश शुरू होने के साथ लोकल टमाटर की आवक मंडी में सिर्फ 5 फीसदी रह गई है। सिहोरा व बरेला बेल्ट का टमाटर कमजोर उपज के कारण जल्दी खराब हो रहा है। जिसके कारण बेंगलुरू से आवक बढ़ गई है। यही कारण है कि टमाटरों के फुटकर भाव में एकाएक उछाल देखने को मिल रहा है। अगले एक-दो माह यही स्थिति रहेगी। भाव में और तेजी की संभावना है। -अजीत साहू, अध्यक्ष, कृषि उपज मंडी व्यापारी संघ जबलपुर

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