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ड्रोन गिराने के दावे और कूटनीतिक खींचतान के बीच ईरान-अमेरिका समझौते पर टकराव तेज

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नई दिल्ली

अमेरिका और ईरान के बीच डील में अभी भी डोनाल्ड ट्रंप हैं। ट्रंप ने शुक्रवार को सिचुएशन रूम में नेशनल सिक्योरिटी टीम के साथ मीटिंग की थी। सूत्रों के मुताबिक यह मीटिंग करीब दो घंटे तक चली थी, लेकिन इसमें क्या हुआ, इस बारे में तत्काल कोई जानकारी नहीं मिल पाई। रिपोर्ट्स के मुताबिक ट्रंप ईरान के साथ डील में कई शर्तों में बदलाव करना चाहते हैं। इसमें, होर्मुज और न्यूक्लियर मटीरियल से जुड़ी शर्तें शामिल हैं। बताया जाता है कि नई शर्तों को वापस ईरान के पास भेज दिया गया है।

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डोनाल्ड ट्रंप ने क्या कहा
अमेरिका राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका ईरान के साथ एक बहुत अच्छे समझौते के करीब पहुंच रहा है। लेकिन अगर ऐसा नहीं हुआ, तो अमेरिका सैन्य कार्रवाई पर लौट आएगा। ट्रंप ने फॉक्स न्यूज़ को दिए इंटरव्यू में कहाकि अगर आप जल्दबाजी करेंगे, तो आप कोई अच्छा समझौता नहीं कर पाएंगे। मुझे लगता है कि धीरे-धीरे लेकिन निश्चित रूप से हम वह पा रहे हैं जो हम चाहते हैं। अगर हमें वह नहीं मिला जो हम चाहते हैं, तो हम इसे एक अलग तरीके से खत्म करेंगे।

ईरान का क्या कहना
इस बीच, तस्नीम समाचार एजेंसी ने बताया कि ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने दावा किया कि उसने रविवार सुबह देश के क्षेत्रीय जल क्षेत्र के ऊपर एक अमेरिकी एमक्यू-1 प्रीडेटर मल्टी-रोल ड्रोन का पता लगाया और उसे मार गिराया। एजेंसी ने आईआरजीसी के बयान का हवाला देते हुए कहा कि आज सुबह-सवेरे एक अमेरिकी सेना का एमक्यू1 ड्रोन ईरानी क्षेत्रीय जल क्षेत्र में घुस आया था, लेकिन तुरंत उसका पता चल गया और आईआरजीसी के हवाई रक्षा प्रणाली से दागी गयीं मिसाइलों से उसे मार गिराया गया।

क्यों आया था अमेरिकी ड्रोन
एजेंसी ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि अमेरिकी ड्रोन ईरानी क्षेत्रीय जल क्षेत्र में शत्रुतापूर्ण हरकतें करने के इरादे से घुसा था। उल्लेखनीय है कि अमेरिका और इजरा ल ने 28 फरवरी को ईरान में ठिकानों पर हमले शुरू किए थे, जिसमें 3,000 से अधिक लोग मारे गये थे। इसके बाद ईरान ने जवाबी कार्रवाई में इजरायल और पश्चिम एशिया में स्थित अमेरिकी ठिकानों पर हमले किये । फिर अमेरिका और ईरान ने आठ अप्रैल को युद्धविराम की घोषणा की। शांति स्थापित करने को लेकर दोनों देशों ने पाकिस्तान के इस्लामाबाद में बातचीत की, जो बेनतीजा रही और फिर से दुश्मनी शुरू होने की कोई रिपोर्ट नहीं मिली। हालांकि, अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी शुरू कर दी।

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