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मोहला-मानपुर-अम्बागढ़ चौकी जिले में नियम विरुद्ध उर्वरक एवं कीटनाशी विक्रेताओं पर कार्रवाई

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रायपुर

94 उर्वरक विक्रय केंद्रों और 21 पौध संरक्षण औषधि केंद्रों का किया गया निरीक्षण

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खरीफ वर्ष 2026 में जिला प्रशासन एवं कृषि विभाग की सुनियोजित कार्ययोजना के तहत मोहला-मानपुर-अम्बागढ़ चौकी जिले के पंजीकृत कृषकों को उर्वरकों का शत-प्रतिशत वितरण किया गया है। वर्तमान में जिले की समितियों में पर्याप्त मात्रा में उर्वरक भंडारित है। किसानों को उच्च गुणवत्ता के कृषि आदान उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कृषि विभाग द्वारा विक्रय केंद्रों की सतत निगरानी एवं निरीक्षण किया जा रहा है।

94 उर्वरक विक्रय केंद्रों और 21 पौध संरक्षण औषधि केंद्रों का किया गया निरीक्षण

38 केंद्रों को नोटिस एवं 8 केंद्रों में बिक्री पर प्रतिबंध

जिले में अब तक 94 सहकारी एवं निजी उर्वरक विक्रय केंद्रों का निरीक्षण किया गया है। अनियमितता पाए जाने पर 30 केंद्रों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है, जबकि 5 केंद्रों में उर्वरक की बिक्री पर प्रतिबंध लगाया गया है। इसी प्रकार 21 पौध संरक्षण औषधि केंद्रों का निरीक्षण किया गया। विभिन्न अनियमितताएं पाए जाने पर 8 केंद्रों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। वहीं बिना वैध दस्तावेज के कीटनाशक विक्रय पाए जाने पर 3 केंद्रों में जब्ती एवं बिक्री प्रतिबंध की कार्रवाई की गई है। विक्रय केंद्रों में अनियमितता पाए जाने पर उर्वरक गुण नियंत्रण आदेश, 1985 एवं आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 के तहत तथा कीटनाशी विक्रेताओं के विरुद्ध कीटनाशी अधिनियम, 1968 के प्रावधानों के अनुसार कार्रवाई की जा रही है। 

 कृषि रसायनों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए उर्वरक एवं कीटनाशकों के नमूने लिए जाकर प्रयोगशालाओं में जांच के लिए भेजे जा रहे हैं। विभाग द्वारा किसानों को गुणवत्तापूर्ण कृषि आदान उपलब्ध कराने के लिए निरंतर निगरानी की जा रही है।

नैनो उर्वरकों एवं संतुलित कृषि पद्धति अपनाने की सलाह

 मौसम की अनुकूलता को ध्यान में रखते हुए नैनो उर्वरकों के उपयोग तथा संतुलित एवं समन्वित कृषि पद्धति अपनाने के संबंध में प्रक्षेत्र स्तर के अधिकारियों द्वारा किसानों को आवश्यक जानकारी दी जा रही है। कृषि विभाग द्वारा किसानों को कृषि रसायनों की खरीदी पंजीकृत संस्थानों एवं अधिकृत विक्रय केंद्रों से करने की सलाह दी जा रही है, ताकि उन्हें उचित मूल्य पर गुणवत्तापूर्ण कृषि आदान प्राप्त हो सकें। 

          विभाग ने किसानों से अपील की है कि उपज बढ़ाने संबंधी भ्रामक प्रचार एवं अवैध तरीके से कृषि आदानों की बिक्री के झांसे में न आएं। डोर-टू-डोर कृषि आदानों की खरीदी से सावधान रहें तथा ऐसी किसी भी गतिविधि की जानकारी मिलने पर तत्काल विभागीय अधिकारियों को सूचित करें।

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