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दुर्ग विश्वविद्यालय में आधुनिक शिक्षा पर जोर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और रक्षा अध्ययन के लिए बनेंगे नए केंद्र

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दुर्ग.

हेमचंद यादव विश्वविद्यालय (पूर्व में दुर्ग विश्वविद्यालय) की कार्यपरिषद की 42वीं बैठक कुलपति प्रो. (डॉ.) संजय तिवारी की अध्यक्षता में विश्वविद्यालय ग्रंथालय में हुई। बैठक में विश्वविद्यालय के शैक्षणिक विस्तार से जुड़े कई बड़े निर्णय सर्वसम्मति से लिए गए। इनमें कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), राष्ट्रीय सुरक्षा एवं रक्षा अध्ययन, कृषि विज्ञान तथा भारतीय एवं विदेशी भाषाओं के नए केंद्रों की स्थापना प्रमुख है।

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सत्र 2027-28 से भारतीय एवं विदेशी भाषा केंद्र की स्थापना को मंजूरी मिली। पहले चरण में फ्रेंच, जर्मन, जापानी, छत्तीसगढ़ी, ओड़िया एवं मराठी भाषाएं पढ़ाई जाएगी। आगे रूसी, स्पेनिश, कोरियाई, चीनी, अरबी, तमिल एवं उर्दू जैसी भाषाएँ चरणबद्ध रूप से जोड़ी जाएगी। कार्यपरिषद ने विश्वविद्यालय में कृत्रिम बुद्धिमत्ता एवं मशीन लर्निंग उत्कृष्टता केंद्र की स्थापना को मंजूरी दी। पाँच वर्ष की इस परियोजना पर लगभग 35.48 करोड़ खर्च होने का अनुमान है। इसमें से 18.46 करोड़ का अनुदान छत्तीसगढ़ राज्य एआई मिशन से मांगा जाएगा। केंद्र में चार प्रयोगशालाएं, जीपीयू कंप्यूट क्लस्टर वाला डेटा सेंटर, स्मार्ट कक्ष और इनक्यूबेशन स्थल बनेंगे। पांच वर्षों में 30,000 विद्यार्थियों और 3,000 शासकीय कर्मचारियों को प्रशिक्षण देने तथा 20 स्टार्टअप तैयार करने का लक्ष्य है।

प्रस्ताव राज्य शासन को भेजा जाएगा। विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय सुरक्षा, रक्षा एवं सामरिक अध्ययन संस्थान की स्थापना को भी स्वीकृति मिली। इसके लिए 16 नए पदों (7 शैक्षणिक एवं 9 तकनीकी / अशैक्षणिक) के सृजन का प्रस्ताव पारित हुआ। इन पदों पर लगभग 1.91 करोड़ का वार्षिक व्यय आएगा। प्रस्ताव उच्च शिक्षा संचालनालय के माध्यम राज्य शासन को स्वीकृति के लिए भेजा जाएगा। बैठक में डॉ. दीपक शर्मा, डॉ. राजलक्ष्मी सेलेट, डॉ. हंसा शुक्ला, विवेक मिश्रा एवं डॉ. शालिनी गुप्ता सदस्य के रूप में उपस्थित रहे। कुलसचिव डॉ. अनिल पांडे ने आभार व्यक्त किया। अब विश्वविद्यालय में पढ़ाई जाएगी कृषि सत्र 2027-28 में 40 सीट उपलब्ध इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर के सहयोग से कृषि विज्ञान अध्ययन केंद्र शुरू करने को सैद्धांतिक स्वीकृति दी गई। सत्र 2027-28 से 40 सीटों वाला चार वर्षीय स्नातक (कृषि विज्ञान) कार्यक्रम शुरू करने का प्रस्ताव है। मधुमक्खी पालन और बीज उत्पादन प्रौद्योगिकी जैसे व्यावसायिक पाठ्यक्रम भी इसमें शामिल हैं। दोनों विश्वविद्यालयों के बीच पाँच वर्षीय एमओयू किया जाएगा। विशेष शिक्षा पाठ्यक्रम एवं अन्य निर्णय भारतीय पुनर्वास परिषद को सत्र 2027-28 के लिए दो पाठ्यक्रमों के प्रस्ताव भेजे गए थे, जिनका कार्योत्तर अनुमोदन किया गया। ये पाठ्यक्रम श्रवण बाधिता और बौद्धिक अक्षमता से संबंधित है जिनमें 30-30 सीटें होंगी। पिछली बैठक के कार्यवृत्त की पुष्टि भी की गई।

प्रतियोगी परीक्षाओं की निःशुल्क कोचिंग
भारत सरकार की योजना के तहत डॉ. अम्बेडकर उत्कृष्टता केंद्र स्थापित करने का निर्णय लिया गया। यहां पात्र अनुसूचित जाति, अन्य पिछड़ा वर्ग एवं पीएम केयर्स योजना के लाभार्थी विद्यार्थियों को यूपीएससी, सीजीपीएससी, एसएससी, रेलवे, बैंकिंग एवं पीएसयू परीक्षाओं की तैयारी कराई जाएगी। एमएससी प्रयोगशालाओं के लिए चार करोड़ रुपए का प्रस्ताव बजट में मंजूर गणित, भौतिकी, रसायन, प्राणी शास्त्र एवं वनस्पति शास्त्र के एमएससी पाठ्यक्रमों के लिए प्रयोगशाला उपकरण खरीदे जाएंगे। इसके लिए बजट में रखी गई 400 लाख की राशि के प्राक्कलन को मंजूरी दी गई। उपकरणों की खरीदी जेम पोर्टल/ई-प्रोक्योरमेंट से पारदर्शी तरीके से होगी।

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