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धरती आबा अभियान की समय सीमा मे बढ़ोत्तरी, अब 15 जुलाई तक चलेगा अभियान

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कोरिया : डोर टू डोर सर्वे करते हुए वंचित वर्ग का चिन्हांकन कर योजनाओं से लाभ प्रदान करें – श्रीमती चंदन

कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में समय-सीमा की बैठक लेकर कलेक्टर कोरिया ने दिए आवश्यक दिशा-निर्देश

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धरती आबा अभियान की समय सीमा मे बढ़ोत्तरी, अब 15 जुलाई तक चलेगा अभियान

कोरिया
कोरिया जिले के संयुक्त सभागार में आज समय सीमा की साप्ताहिक बैठक संपन्न हुई। कलेक्टर कोरिया श्रीमती चंदन त्रिपाठी ने इस बैठक में सभी विभागीय योजनाओं की प्रगति पर समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश प्रदान किए। बैठक में धरती आबा जनजातीय उत्कर्ष अभियान की प्रगति , किसानों के लिए खाद बीज की उपलब्धता, खाद्यान्न वितरण, किसानों के पंजीयन सहित अन्य विषयों पर अद्यतन जानकारी प्राप्त करते हुए उन्होने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए। इस अवसर पर वनमण्डलाधिकारी कोरिया चंद्रशेखर परदेशी, जिला पंचायत कोरिया के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ आशुतोष चतुर्वेदी और अपर कलेक्टर डीडी मण्डावी सहित अन्य जिलाधिकारी उपस्थित रहे।

समय-सीमा बैठक में अधिकारियों को संबोधित करते हुए कलेक्टर श्रीमती चंदन त्रिपाठी ने कहा कि अब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा आरंभ किए गए धरती आबा अभियान की समय-सीमा को 30 जून से बढ़ाकर आगामी 15 जुलाई तक किया गया है। इससे दूरदराज में रहने वाले आदिवासी समुदाय के अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ ले जाने मे और सहूलियत होगी। विभागीय अधिकारी अपने योजनाओं के लाभ से वंचित वर्ग को जोड़ने के लिए डोर टू डोर सर्वे अभियान आरंभ करें और जिन ग्रामीण क्षेत्रों में शिविर आयोजित हो रहे हैं वहां अपने मैदानी अमले को प्रत्येक परिवार तक पहुंचने के लिए निर्देशित करें। इससे हमें प्रत्येक योजना अंतर्गत हितग्राहियों के सेचुरेशन मोड तक आने में आसानी होगी। आनलाइन इंट्री कार्य को बेहद सावधानी पूर्वक पूर्ण कराए जाने के निर्देश देते हुए श्रीमती त्रिपाठी ने कहा कि प्रत्येक किसान का एग्रीस्टेक में पंजीयन कराएं, खाद और बीज की उपलब्धता पर निरंतर निगरानी करने के निर्देश देते हुए उन्होने कहा कि परंपरागत धान की फसलों के अलावा दलहन और तिलहन की फसलों को प्रोत्साहित कर किसानों को इसके लिए तैयार करें।

जल संरक्षण अभियान में निरंतर संरचनाएं बनाने के निर्देश देते हुए श्रीमती चंदन ने कहा कि ग्राम पंचायतों में प्लांटेशन के साथ ही सुरक्षा का विशेष ध्यान रखें। आवारा पशुओं के लिए वैकल्पिक व्यवस्था बनाए जाने के निर्देश देते हुए उन्होने कहा कि खेती का समय आ रहा है ऐसे में आवारा पशुओं की सही व्यवस्था कर उन्हे सड़कों पर आने से भी रोकना होगा। समय सीमा की बैठक में अन्य विभागीय आवेदन पत्रों के निराकरण की जानकारी लेते हुए जिला पंचायत सीईओ डॉ आशुतोष चतुर्वेदी ने सभी को जल्द निराकरण कर पालन प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। इस बैठक में एसडीएम श्रीमती दीपिका नेताम, राकेश साहू सहित सभी विभागीय प्रमुख उपस्थित रहे।

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