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मध्य प्रदेश में रेल विकास को मिली रफ्तार, रतलाम से चलने वाली राजधानी बनेगी सुपरफास्ट

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रतलाम 

 केंद्र की मोदी सरकार ने मध्य प्रदेश को दो बड़ी रेल परियोजनाओं की सौगात दी है.  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बैठक हुई, जहां कैबिनेट ने रेल मंत्रालय की 4 रेल परियोजनाओं को मंजूरी दी है. जहां प्रदेश को वडोदरा-रतलाम रेल लाइन और इटारसी-भोपाल-बीना रेल लाइन है. जिसके बाद एमपी की गुजरात से कनेक्टिविटी बढ़ेगी तो वहीं इटारसी से बीना की दूरी कम होगी.

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मध्य प्रदेश की बढ़ेगी गुजरात से कनेक्टिविटी

मध्य प्रदेश वासियों के लिए अब गुजरात का सफर आसान होगा. वे कम समय में यात्रा पूरी कर सकते हैं. साथ ही व्यापारिक कनेक्टिविटी भी बढ़ेगी. जिससे प्रदेश की आर्थिक को बढ़ावा मिलेगा. ऐसा इसलिए कह रहे हैं, क्योंकि मध्य प्रदेश को वडोदरा-रतलाम रेल लाइन की सौगात मिल गई है. रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने रेल परियोजनाओं के बारे में जानकारी दी. उन्होंने बताया कि वडोदरा-रतलाम तीसरी और चौथी लाइन है.

रतलाम से गुजरात के वड़ोदरा के बीच तूफान बन दौड़ेंगी ट्रेनें.

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि अब गुजरात से रतलाम तूफान की रफ्तार में राजधानी एक्सप्रेस जैसी ट्रेनें आएंगी. रेल लाइन के कर्व्स को ठीक किया गया है और साथ ही तकनीक को उन्नत बनाया गया है. तीसरी और चौथी लाइन से ट्रेनों को रफ्तार मिलेगी जिससे यात्रा का समय घटेगा. ट्रेनों की स्पीड में इजाफा होगा. राजधानी जैसी वीवीआईपी ट्रेन में सफर का आनंद बढ़ जाएगा.

वडोदरा-रेतलाम रेल लाइन लंबा सेक्शन

यह 259 किलोमीटर की लाइन होगी. यह काफी लंबा सेक्शन है. इसकी लागत ₹8,885 करोड़ है. यह पूरा सेक्शन गुजरात और मध्य प्रदेश से होकर गुजरता है. इस नई रेल लाइन परियोजना से गुजरात के वडोदरा, पंचमहल और दाहोद जिलों को और मध्य प्रदेश के झाबुआ और रतलाम जिलों को फायदा होगा. रेल मंत्री ने कहा इस सेक्शन में काफी मुश्किलें हैं, क्योंकि वडोदरा-रतलाम रेल लाइन में काफी स्टीव कर्व हैं और जब भी कर्व पर गाड़ी चलती है तो उसकी स्पीड को कम करना पड़ता है. लिहाजा इस प्रोजेक्ट के माध्यम से इस कर्व को सीधा किया जाएगा.

इस प्रोजेक्ट से सरकार को होगा फायदा

जिसके बाद गाड़ी की स्पीड को बढ़ाया जा सकता है. इसकी जरूरत भी है, क्योंकि यह दिल्ली से मुंबई का कॉरीडोर है. इस कॉरीडोर में कैपिसेट की काफी डिमांड आती है. रतलाम-वडोदरा को जोड़ने का यह काफी बड़ा प्रोजेक्ट है. इसमें बहुत बड़ा पर्यावरणीय फायदा भी है, क्योंकि 38 करोड़ किलोग्राम कार्बन डाइऑक्साइड हर साल बचती है और साढ़े 7 करोड़ लीटर डीजल हर साल बचेगा. साथ ही लॉजिस्टिक कास्ट भी हर साल लगभग 856 करोड़ बचेगा.

इटारसी-भोपाल-बीना रेल लाइन सौगात

वहीं इसके बाद मध्य प्रदेश को दूसरी सौगात इटारसी-भोपाल-बीना रेल लाइन की मिली है. यह इटारसी-भोपाल-बीना के बीच चौथी रेल लाइन है. यह काफी लंबा और जरूरी सेक्शन है. रेल मंत्री ने कहा 237 किमी के इस प्रोजेक्ट से टूरिज्म कनेक्टिविटी बढ़ेगी. इस बीच उदयगिरी गुफाएं, सतपुड़ा टाइगर रिजर्व और पचमढ़ी को कनेक्ट करेगा. जिससे टूरिज्म और बढ़ेगा.

इस रेल लाइन में बनेंगे 9 टनल

वहीं 32 करोड़ किलोग्राम कार्बन डाइऑक्साइड CO₂ बचेगा, जो 1.3 करोड़ पेड़ लगाने के बराबर है. इस रेल लाइन में 4 जरूरी ब्रिज, 39 मेजर ब्रिज और 151 माइनर ब्रिज होंगे. पहाड़ी क्षेत्र होने के चलते इस रेल लाइन में 9 टनल होंगे. इसके साथ ही 43 ओवर ब्रिज और 39 अंडर पास ब्रिज होंगे. 

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