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प्राथमिक शाला सागबाड़ी में दो शिक्षकों की पदस्थापना से शिक्षा की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार

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रायपुर,

वर्षों तक केवल एक शिक्षक के भरोसे संचालित होने वाले इस विद्यालय में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देशों के अनुरूप स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया लागू की गई, जिसके तहत यहां दूसरे शिक्षक की पदस्थापना की गई।  इस पहल ने विद्यालय की व्यवस्था को मजबूत किया है और विद्यार्थियों के सीखने-सिखाने की प्रक्रिया में सकारात्मक बदलाव लाया है। वनांचल क्षेत्र के ग्राम सागबाड़ी स्थित प्राथमिक शाला में शिक्षा की गुणवत्ता अब नई ऊंचाइयों की ओर अग्रसर है।

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एक शिक्षक के भरोसे चल रहा था पूरा विद्यालय

          सालों से इस विद्यालय में मात्र एक शिक्षक, प्रधान पाठक श्री राम सिंह, ही कार्यरत थे। अकेले सभी कक्षाओं को संभालना उनके लिए चुनौतीपूर्ण था। सभी विद्यार्थियों को एक ही कक्ष में बैठकर पढ़ना पड़ता था और अलग-अलग कक्षाओं के लिए बच्चों को शिक्षक की उपलब्धता का इंतजार करना पड़ता था। इससे शिक्षा की गति प्रभावित होती थी।

युक्तियुक्तकरण से मिली राहत-दूसरे शिक्षक की नियुक्ति

          अतिशेष शिक्षकों को रिक्त पदों वाले विद्यालयों में भेजने की राज्य स्तरीय पहल के तहत 5 जून 2025 को श्री मनोज चंद्रा को सागबाड़ी प्राथमिक शाला में सहायक शिक्षक के रूप में पदस्थ किया गया। उनकी नियमित उपस्थिति और समर्पित शिक्षण से विद्यालय की गतिविधियों में नई ऊर्जा आई है। विद्यार्थियों ने महसूस किया बदलाव महसूस किया। विद्यालय के विद्यार्थियों ने भी इस सुधार को खुलकर सराहा है। कक्षा पाँचवीं के छात्र बुधवार सिंह ने बताया कि पहले एक शिक्षक होने से पढ़ाई में कई कठिनाइयाँ आती थीं, लेकिन अब दो शिक्षक होने से पढ़ाई सुचारू रूप से चल रही है।

 गाँव में शिक्षा सुदृढ़ीकरण की मिसाल

        दो शिक्षकों की उपलब्धता से सागबाड़ी प्राथमिक शाला में शैक्षणिक गतिविधियों की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। वनांचल क्षेत्र के इस छोटे से विद्यालय में आया यह बदलाव शिक्षा सुदृढ़ीकरण की एक प्रेरक मिसाल बन गया है। कक्षा चौथी की प्रिया, दूसरी की रोशनी और तीसरी के सतीश यादव ने भी खुशी जताते हुए कहा कि अब कोई भी कक्षा खाली नहीं रहती और गुरुजी समय पर पहुंचते हैं। विद्यार्थियों ने यह भी बताया कि उन्हें नियमित रूप से सुबह का नाश्ता और मध्यान्ह भोजन मिलता है।

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