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IIT कर रहे हैं ‘अडैप्टिव टेस्टिंग’ पर विचार, जेईई एडवांस में बड़े बदलाव की तैयारी

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इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (IITs) में एडमिशन के लिए होने वाली देश की सबसे कठिन परीक्षा, JEE Advanced, में आने वाले समय में एक क्रांतिकारी बदलाव देखने को मिल सकता है। आईआईटी काउंसिल ने परीक्षा को कम स्ट्रेसफुल और अधिक साइंटिफिक बनाने के लिए 'अडैप्टिव टेस्टिंग' (Adaptive Testing) का प्रस्ताव रखा है। इस प्रस्ताव की समीक्षा की जिम्मेदारी आईआईटी कानपुर और जेईई एपेक्स बोर्ड (JAB) को सौंपी गई है।

क्या है अडैप्टिव टेस्टिंग मॉडल?

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अडैप्टिव टेस्टिंग एक ऐसा आधुनिक सिस्टम है जिसमें कंप्यूटर सॉफ्टवेयर छात्र की योग्यता के आधार पर रियल-टाइम में प्रश्नों का चयन करता है।

कैसे काम करेगा: परीक्षा की शुरुआत सरल प्रश्नों से होती है। यदि छात्र सही उत्तर देता है, तो अगला प्रश्न थोड़ा कठिन होता है। यदि उत्तर गलत होता है, तो सिस्टम आसान प्रश्न पेश करता है।

फायदा: इससे छात्र की वास्तविक समझ और 'क्रिटिकल थिंकिंग' का सटीक आकलन हो पाता है। यह पारंपरिक 'स्टैटिक' पेपर से अलग है जहां सभी को एक जैसे कठिन या सरल प्रश्न मिलते हैं।

कोचिंग कल्चर और स्ट्रेस को कम करने की कोशिश

आईआईटी कानपुर के डायरेक्टर प्रो. मनिंद्र अग्रवाल ने इस प्रस्ताव को पेश करते हुए तर्क दिया कि वर्तमान परीक्षा प्रणाली ने एक विशाल कोचिंग इंडस्ट्री को खड़ा कर दिया है, जिससे परिवारों पर भारी आर्थिक बोझ बढ़ता है।

बुद्धिमत्ता का आकलन: अडैप्टिव टेस्ट रटने के बजाय जन्मजात बुद्धिमत्ता (Aptitude) पर केंद्रित होता है। एक्सपर्ट का मानना है कि कोचिंग छात्रों को टेक्निक सिखा सकती है, लेकिन बुद्धिमत्ता नहीं बदल सकती।

सुविधा: यह मॉडल अधिक निष्पक्ष है और सुरक्षित, फ्लेक्सिबल एग्जामिनेशन एनवायरनमेंट की अनुमति देता है।

इस साल हो सकता है पायलट टेस्ट

काउंसिल ने सिफारिश की है कि इस साल की मुख्य परीक्षा से करीब दो महीने पहले एक 'ऑप्शनल अडैप्टिव मॉक टेस्ट' आयोजित किया जाए। इसका उद्देश्य छात्रों को इस नए फॉर्मेट से परिचित कराना और डेटा इकठ्ठा करना है। पायलट टेस्ट के आधार पर प्राप्त रिजल्ट की सहायता से जेईई एडवांस को पूरी तरह से इस मोड में बदलने के लिए एक 'रोडमैप' तैयार किया जाएगा।

अन्य महत्वपूर्ण अपडेट

JoSAA में शामिल होंगे स्पोर्ट्स कोटा और ओलंपियाड काउंसिल ने एक और महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। अब आईआईटी में मिलने वाली सुपरन्यूमेररी सीटें (जैसे स्पोर्ट्स कोटा, कल्चरल और ओलंपियाड कोटे) को भी केंद्रीय JoSAA काउंसलिंग के अंतर्गत लाया जाएगा। इससे एडमिशन प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी और छात्रों को अलग-अलग आवेदन करने की झंझट से मुक्ति मिलेगी। JEE Advanced 2026 की परीक्षा 17 मई को आयोजित होनी है और इसकी जिम्मेदारी इस बार आईआईटी रुड़की के पास है।

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