Home अध्यात्म वास्तु और मनोविज्ञान के अनुसार: सुबह उठते ही भूलकर भी न देखें...

वास्तु और मनोविज्ञान के अनुसार: सुबह उठते ही भूलकर भी न देखें ये 5 चीजें

23
0
Jeevan Ayurveda

हम अक्सर कहते हैं कि "आज का दिन ही खराब है", लेकिन कभी इसके पीछे की वजह पर गौर नहीं करते। वास्तु शास्त्र के अनुसार, जब हम सोकर उठते हैं, तो हमारा शरीर और मन अत्यधिक संवेदनशील होता है। उस वक्त हम जो देखते हैं, उसका सीधा असर हमारी मानसिक ऊर्जा और भाग्य पर पड़ता है।

प्राचीन वास्तु शास्त्र और ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, कुछ चीजें नकारात्मकता का प्रतीक मानी जाती हैं। अगर दिन की शुरुआत ही इन चीजों को देखकर हो, तो न केवल मानसिक तनाव बढ़ता है, बल्कि आर्थिक हानि के योग भी बनने लगते हैं।

Ad

भूलकर भी न देखें ये 5 चीजें

बंद घड़ी (रुका हुआ समय): वास्तु विशेषज्ञों के मुताबिक, सुबह उठते ही बंद घड़ी देखना बहुत अशुभ है। यह आपके जीवन में ठहराव और कार्यों में बाधा आने का संकेत है। यह दर्शाता है कि आपका अच्छा समय रुक गया है।

शीशे में चेहरा देखना: बहुत से लोगों की आदत होती है जागते ही शीशा देखने की। वास्तु के अनुसार, रात भर की नकारात्मक ऊर्जा सुबह चेहरे पर होती है। शीशा देखने से वह ऊर्जा वापस आप में समा जाती है, जिससे दिनभर चिड़चिड़ापन रह सकता है।

जूठे बर्तन: अगर आप सुबह उठकर किचन में सबसे पहले रात के जूठे बर्तन देखते हैं, तो यह सीधे तौर पर आर्थिक तंगी को न्योता देना है। इससे घर में दरिद्रता का वास होता है।

अपनी या दूसरों की परछाई: सुबह-सुबह परछाई देखना (चाहे वह अपनी हो या किसी और की) राहु का प्रभाव बढ़ाता है। इससे मन में डर, भ्रम और कार्यों में उलझन पैदा होती है।

जंगली जानवरों की तस्वीर: बेडरूम में कभी भी हिंसक जानवरों की फोटो न लगाएं। सुबह इन्हें देखने से स्वभाव में क्रोध बढ़ता है और परिवार में क्लेश होने की संभावना रहती है।

धार्मिक ग्रंथों और वास्तु के जानकारों के अनुसार, इन नकारात्मक चीजों से बचने का सबसे अच्छा तरीका यह है कि सुबह उठते ही अपनी हथेलियों के दर्शन करें या किसी देवी-देवता की शांत तस्वीर देखें। इससे सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

 

Jeevan Ayurveda Clinic

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here