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संस्कृति और प्रतिभा का संगम: भोपाल के ‘गार्गी’ विद्यालय में गरिमामय वार्षिक समारोह आयोजित

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भोपाल

शासकीय आदर्श आवासीय कन्या संस्कृत विद्यालय ‘गार्गी’ में आयोजित वार्षिक समारोह अत्यंत गरिमामय एवं उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में राज्य मानव अधिकार आयोग के कार्यकारी अध्यक्ष अवधेश प्रताप सिंह की विशिष्ट उपस्थिति रही, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता मध्य प्रदेश प्रेस क्लब के अध्यक्ष डॉ. नवीन आनंद जोशी ने की।

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इस अवसर पर विशेष अतिथि के रूप में बीएसएफ 41 बटालियन के कमांडेंट मनीष यादव उपस्थित रहे। विद्यालय की प्राचार्य स्नेहा सालोङकर ने अतिथियों का स्वागत कर कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की। समारोह में मध्य प्रदेश प्रेस क्लब के उपाध्यक्ष महेंद्र शर्मा, संयुक्त सचिव अजय प्रताप सिंह सहित संस्कृत भाषा के अनेक विद्वान सदस्य भी उपस्थित रहे।

मुख्य अतिथि अवधेश प्रताप सिंह ने अपने उद्बोधन में विद्यालय द्वारा भारतीय संस्कृति के पुनर्स्थापन हेतु किए जा रहे कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि “यह संस्थान बालिकाओं को केवल शिक्षा ही नहीं, अपितु संस्कार भी प्रदान कर रहा है, जिससे आने वाली पीढ़ी सशक्त एवं संस्कारित बन रही है।”

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए डॉ. नवीन आनंद जोशी ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि वर्तमान समय में प्रकृति और संस्कृति दोनों पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि “यदि हम जागरूक होकर प्रकृति और संस्कृति का संरक्षण कर सकें, तो समाज और राष्ट्र दोनों सुरक्षित रहेंगे।”

इस अवसर पर विद्यालय की छात्राओं ने योगाभ्यास की आकर्षक प्रस्तुतियां दीं, संस्कृत काव्य-पाठ के माध्यम से अपनी विद्वता का परिचय दिया तथा वेदों के श्लोकों का शुद्ध एवं प्रभावी उच्चारण कर उपस्थित जनसमूह को मंत्रमुग्ध कर दिया। साथ ही, छात्राओं द्वारा ‘वेस्ट से बेस्ट’ थीम पर तैयार उपयोगी वस्तुओं की प्रदर्शनी भी लगाई गई, जिसकी अतिथियों ने मुक्तकंठ से प्रशंसा की।

विशेष उल्लेखनीय है कि मध्य प्रदेश में ‘गार्गी’ एकमात्र ऐसा आवासीय संस्कृत विद्यालय है, जहां की छात्राएं संस्कृत भाषा में दक्षता प्राप्त कर राष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश का नाम गौरवान्वित कर रही हैं। यहां मद्भागवत गीता, रामचरितमानस, वेद एवं उपनिषदों का गहन अध्ययन-अध्यापन कराया जाता है। पूर्णतः आवासीय व्यवस्था में रहकर छात्राएं अपने सर्वांगीण विकास के साथ-साथ भारतीय संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन का कार्य कर रही हैं।
कार्यक्रम का कुशल संचालन डॉ. अनुपम शुक्ला द्वारा किया गया। इस अवसर पर संस्कृत शिक्षिका सीता यादव सहित विभिन्न विषयों के प्राध्यापक एवं गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

समारोह ने न केवल सांस्कृतिक चेतना को जागृत किया, बल्कि भारतीय परंपरा एवं संस्कारों के प्रति नई पीढ़ी में गर्व और समर्पण की भावना भी बढ़ाई ।

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