Home मध्य प्रदेश नरसिंहपुर पुलिस की कार्रवाई तेज, ‘ऑपरेशन फेस’ में दूसरी कामयाबी

नरसिंहपुर पुलिस की कार्रवाई तेज, ‘ऑपरेशन फेस’ में दूसरी कामयाबी

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नरसिंहपुर

जिले में साइबर अपराधों पर नियंत्रण के लिए चलाए जा रहे ‘‘ऑपरेशन फेस’’ के तहत नरसिंहपुर पुलिस ने एक और बड़ी सफलता हासिल की है।

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फर्जी सिम कार्डों के अवैध नेटवर्क पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने एक और आरोपित को गिरफ्तार किया है, जिससे अब तक कुल 1232 फर्जी सिम कार्डों का खुलासा हो चुका है। इस कार्रवाई को साइबर अपराधियों के नेटवर्क पर बड़ा प्रहार माना जा रहा है।

पुलिस जांच में सामने आया कि थाना गोटेगांव क्षेत्र निवासी विनय सिलावट पिता भगवानदास सिलावट (उम्र 28 वर्ष) इस नेटवर्क में सक्रिय था। आरोपित ने फर्जी दस्तावेजों और अपने चेहरे का उपयोग कर 455 सिम कार्ड अवैध रूप से एक्टिवेट कराए थे। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है और मामले में पूछताछ जारी है।

इससे पहले थाना ठेमी क्षेत्र के ग्राम बढ़ैयाखेड़ा निवासी रंजीत पटेल को गिरफ्तार किया गया था, जिसने 777 सिम एक्टिवेट कराए थे। दोनों मामलों को जोड़कर अब तक कुल 1232 फर्जी सिम कार्डों का खुलासा हो चुका है, जिससे बड़े नेटवर्क के सक्रिय होने के संकेत मिले हैं।
ऐसे होता था फर्जीवाड़ा

जांच में खुलासा हुआ कि आरोपित फर्जी या छलपूर्वक प्राप्त पहचान दस्तावेज एकत्रित कर सिम विक्रेताओं के माध्यम से ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी कराते थे। फेशियल ऑथेंटिकेशन के दौरान अपने ही चेहरे का उपयोग कर सिम सक्रिय कर दिए जाते थे। इस तरह अलग-अलग फर्जी पहचान पर बड़ी संख्या में सिम कार्ड चालू किए गए।
मामला दर्ज, अन्य की तलाश जारी

पुलिस अधीक्षक ऋषिकेश मीना के निर्देशन में गठित टीम ने आरोपित के खिलाफ धारा 419, 468, 471 भादवि एवं 66 (सी) आईटी एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज किया है। नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश की जा रही है। कार्रवाई में उनि गौरव नेमा, विजय द्विवेदी, श्रीराम रधुवंशी, जयवति कुरोपे, प्रधान आरक्षक देवेन्द्र सिंह, हेमंत बाडिवा, भूपेन्द्र नवरेती, महिला आरक्षक कुमुद पाठक, आरक्षक जितेन्द्र ठाकुर, राकेश इनवाति एवं संकल्प ठाकुर की सराहनीय भूमिका रही।
पुलिस की यह अपील

पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे अपने आधार, फोटो व अन्य दस्तावेज किसी अनजान व्यक्ति को न दें और अपने नाम पर जारी सिम कार्डों की समय-समय पर जांच करें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 या नजदीकी पुलिस को दें।

 

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