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निदा खान, ‘दबंग मैम’ ने सबको सिखाया बुर्का पहनना, TCS एचआर हेड के खतरनाक प्लान का खुलासा

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 नासिक 
नासिक के TCS बीपीओ में सामने आए धर्म परिवर्तन और यौन उत्पीड़न के मामले में बड़े-बड़े खुलासे हो रहे हैं. इस पूरे केस में सबसे ज्यादा चर्चा जिस नाम की हो रही है, वह है एचआर मैनेजर निदा खान. साथी कर्मचारी उसे 'दबंग मैम' कहकर बुलाते थे और बताया जा रहा है कि ऑफिस के अंदर उसका प्रभाव इतना था कि सभी उससे डरते थे। 

एफआईआर में दर्ज आरोपों के अनुसार, निदा खान केवल एचआर की भूमिका तक सीमित नहीं थी. वह उन टीम लीडर्स के साथ खड़ी नजर आती थी, जिन पर महिला कर्मचारियों के उत्पीड़न और जबरन धर्म परिवर्तन के प्रयास के आरोप हैं. बताया गया है कि वह महिलाओं को इस्लामी परंपराओं के अनुसार कपड़े पहनने और रीति-रिवाजों का पालन करने के तरीके बताती थी. कुछ पीड़ितों का कहना है कि यह सलाह नहीं, बल्कि दबाव होता था. एक महिला कर्मचारी ने बताया कि  वह बताती थी कि बुर्का कैसे पहना जाता है। 

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नासिक में दर्ज नौ एफआईआर में पहली ही शिकायत में निदा खान का नाम सामने आया था. इन मामलों में आरोप है कि एक संगठित समूह ने महिला कर्मचारियों को निशाना बनाया. उनके साथ यौन उत्पीड़न किया गया और धार्मिक रूप से दबाव बनाया गया. एक पुरुष कर्मचारी ने भी शिकायत दर्ज कराई है, जिसमें उसने ऑफिस के अंदर धार्मिक उत्पीड़न और धर्म परिवर्तन के प्रयास का आरोप लगाया है. पुलिस जांच के अनुसार, सात पुरुष आरोपी एक समूह की तरह काम कर रहे थे. ये सभी कंपनी में जिम्मेदार पदों पर थे और अपने पद का इस्तेमाल कर कर्मचारियों पर दबाव बनाते थे. महिला कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि उन्हें घूरा जाता था, छुआ जाता था और उनके निजी जीवन पर आपत्तिजनक टिप्पणियां की जाती थीं. विरोध करने पर उन्हें और ज्यादा परेशान किया जाता था। 

जब बोली निदा- ऐसी बातें तो होती रहती हैं 
इस पूरे मामले में एचआर की भूमिका भी सवालों के घेरे में है. पुलिस आयुक्त संदीप कर्णिक के मुताबिक, एक महिला अधिकारी ने पीड़िता को शिकायत दर्ज करने से मना भी किया और कहा कि ऐसी बातें होती रहती हैं. आरोप है कि इस रवैये के कारण कई मामलों में कार्रवाई नहीं हो सकी. जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपियों ने एक व्हाट्सएप ग्रुप बना रखा था, जिसके जरिए कर्मचारियों को टारगेट किया जाता था. पीड़ितों का कहना है कि इस ग्रुप में भी निदा खान शामिल थी. एफआईआर के मुताबिक, कुछ मामलों में कर्मचारियों को जबरन नमाज पढ़ने, मांसाहारी भोजन करने और धार्मिक प्रतीकों को अपनाने के लिए दबाव डाला गया. एक पीड़ित ने बताया कि उसे टोपी पहनाकर नमाज पढ़वाई गई और उसकी फोटो भी ली गई. महिला कर्मचारियों के साथ यौन उत्पीड़न के कई गंभीर आरोप सामने आए हैं. इनमें छेड़छाड़, अश्लील टिप्पणियां, जबरन नजदीकी बनाने की कोशिश और निजी जीवन पर टिप्पणी शामिल हैं. कुछ मामलों में शादी का झांसा देकर संबंध बनाने के आरोप भी लगे हैं। 

आठ की गिरफ्तारी, निदा की तलाश 
पुलिस ने अब तक आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें सात पुरुष और एक महिला ऑपरेशंस मैनेजर शामिल हैं. निदा खान अभी फरार है और उसकी तलाश में पुलिस की एसआईटी लगातार छापेमारी कर रही है. मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने एसआईटी का गठन किया है. साथ ही एसआईडी, एटीएस और एनआईए जैसी एजेंसियों से भी संपर्क किया गया है, ताकि यह जांच की जा सके कि कहीं इस मामले के पीछे कोई बड़ा नेटवर्क या फंडिंग तो नहीं है। 

कंपनी भी कर रही इस मामले की जांच 
टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने इस पूरे मामले को गंभीर और चिंताजनक बताया है. कंपनी की ओर से कहा गया है कि तथ्यों की पूरी जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी. पुलिस के अनुसार, शुरुआत में एक ही शिकायत सामने आई थी, लेकिन बाद में काउंसलिंग और भरोसा दिलाने के बाद अन्य पीड़ित भी सामने आए. इसके बाद एक के बाद एक नौ एफआईआर दर्ज की गईं. फिलहाल इस पूरे मामले में सबसे अहम कड़ी निदा खान मानी जा रही है. पुलिस का कहना है कि उसकी गिरफ्तारी के बाद मामले में और भी खुलासे हो सकते हैं। 

ब्रेनवॉश भी कर रही थी निदा खान
इस मामले के खुलासे के बाद से ही बीजेपी के साथ हिंदूवादी संगठनों ने नासिक में कंपनी के दफ्तर पर हल्ला बोलते हुए जमकर विरोध प्रदर्शन किया, तो विपक्ष इसे तुष्टिकरण की सियासत करार दे रहा है. जांच के दौरान व्हाट्सऐप चैट में इमरान नाम के एक शख्स का नाम सामने आया है, जिसका कथित तौर पर मलेशिया से संबंध है. शक है कि इमरान भड़काऊ तकरीरों से इन कर्मचारियों पर इस्लाम अपनाने का दबाव डाल रहा था. आरोप है कि इस व्हाट्स ऐप ग्रुप का हिस्सा कंपनी की HR एग्जीक्यूटिव निदा खान भी थी। 

चैट रिकवर करने की कोशिश 
खबर है कि शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने चार महिला कांस्टेबलों को हाउसकीपिंग स्टाफ के रूप में गुप्त रूप से तैनात किया, ताकि वो कैंपस के अंदर की गतिविधियों पर नज़र रख सकें. पुलिस के मुताबिक, एच आर एग्जीक्यूटिव निदा खान असली ब्रेनवॉश कर रही थी. पुलिस इस एंगल से भी जांच कर रही है कि क्या आरोपियों को देश से बाहर से भी फंडिंग मिल रही थी. एसआईटी ये भी जांच कर रही है कि क्या मुख्य आरोपी HR एग्जीक्यूटिव निदा खान का मुस्लिम कर्मचारियों की भर्ती प्रक्रिया में कोई खास पैटर्न था। 

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