Home राजनीतिक नंदीग्राम को अलविदा कहेंगे शुभेंदु अधिकारी, भवानीपुर सीट से विधायक रहने का...

नंदीग्राम को अलविदा कहेंगे शुभेंदु अधिकारी, भवानीपुर सीट से विधायक रहने का फैसला

4
0
Jeevan Ayurveda

कोलकत्ता 

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने विधानसभा चुनावों में नंदीग्राम और भवानीपुर दोनों ही सीटों पर जीत हासिल की थी, जिसके बाद उन्हें एक सीट खाली करनी थी. उन्होंने नंदीग्राम सीट छोड़ दी है, वह भवानीपुर सीट से ही विधायक रहेंगे. उन्होंने विधानसभा में भवानीपुर विधायक के रूप में शपथ ली है. बता दें कि इस सीट पर उन्होंने बंगाल के मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को हराया था। 

Ad

दोनों सीटों से जीतने के बाद शुभेंदु अधिकारी ने कहा था कि मैं 10 दिनों के भीतर एक सीट छोड़ दूंगा. हालांकि उन्होंने कहा था कि कौन सी सीट मुझे रखनी है, इसका निर्णय पार्टी करेगी. मेरी अपनी राय जरूर होगी, जिसे मैं नेतृत्व के सामने रखूंगा। 

सुवेंदु बोले, नंदीग्राम से किया गया वादा भी पूरा करता रहूंगा
विधानसभा परिसर में पत्रकारों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि नंदीग्राम से अब किसी अन्य उम्मीदवार को उपचुनाव के जरिए विधायक चुना जाएगा. हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि नंदीग्राम की जनता को उनकी कमी महसूस नहीं होगी. अधिकारी ने भरोसा दिलाया कि वे मुख्यमंत्री के रूप में पूरे पश्चिम बंगाल के साथ-साथ नंदीग्राम के लोगों से किए गए हर विकास वादे को पूरा करेंगे।

सुवेंदु बोले- नंदीग्राम से उनका अलग रिश्ता
सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि नंदीग्राम उनके राजनीतिक जीवन का महत्वपूर्ण अध्याय रहा है. उन्होंने 2008 के नंदीग्राम आंदोलन और पुलिस गोलीकांड का उल्लेख करते हुए कहा कि उस समय भी उन्होंने क्षेत्र के लोगों के साथ खड़े होकर संघर्ष किया था. उन्होंने याद दिलाया कि 2009 से 2016 तक तृणमूल कांग्रेस की विधायक रहीं फिरोजा बीबी को उन्होंने लगातार समर्थन दिया था, जबकि वे स्वयं उस सीट के विधायक नहीं थे. इस बार भी, विधायक पद छोड़ने के बावजूद, नंदीग्राम के विकास और जनता की समस्याओं के समाधान के लिए पूरी तरह समर्पित रहेंगे। 

ममता बनर्जी को हराकर भवानीपुर से जीते हैं सुवेंदु
हालिया चुनाव में सुवेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी के गढ़ भवानीपुर सीट पर उन्हें 15,105 वोटों के अंतर से हराया. वहीं नंदीग्राम में उन्होंने तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार पवित्र कर को 9,665 वोटों से पराजित किया. भवानीपुर सीट को बनाए रखने के फैसले को राजनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि यह वही सीट है जिसे लंबे समय तक ममता बनर्जी का सबसे सुरक्षित गढ़ माना जाता रहा है. सुवेंदु अधिकारी के इस फैसले से अब नंदीग्राम सीट पर उपचुनाव होना तय है, जिस पर पूरे राज्य की नजरें टिकी रहेंगी। 

नंदीग्राम सीट पर कितने वोटों से जीते थे शुभेंदु?
शुभेंदु अधिकारी ने नंदीग्राम सीट पर टीएमसी के पबित्र कर को हराया था. बीजेपी कैंडिडेट अधिकारी को इस सीट पर 127301 वोट मिले थे, जबकि टीएमसी कैंडिडेट पबित्र कर को 117636 वोट मिले थे. वहीं तीसरे नंबर पर सीपीआई के संती गोपाल गिरी थे, जिन्हें करीब तीन हजार वोट मिले थे. जबकि कांग्रेस के उम्मीदवार शेख जरितुल हुसैन 5वें नंबर पर थे और उन्हें सिर्फ 794 वोट मिले थे। 

भवानीपुर में शुभेंदु को कितने वोट मिले थे?
शुभेंदु अधिकारी ने 2021 के चुनावों में बीजेपी की टिकट पर नंदीग्राम में ममता बनर्जी को हराया था, उनकी पार्टी को राज्य में बहुमत तो मिला था, लेकिन वह खुद चुनाव हार गई थीं, जिसके बाद भवानीपुर सीट को खाली कराया गया और ममता बनर्जी यहां से चुनाव जीतकर विधायक बनीं थीं. 2026 में एक बार फिर शुभेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी को चुनाव में पटखनी दे दी. इस चुनाव में शुभेंदु को 73917  वोट मिले थे, जबकि ममता बनर्जी को 58812 वोट मिले. शुभेंदु ने ममता को भवानीपुर में 15105 वोटों से हराया। 

नंदीग्राम सीट कितनी महत्वपूर्ण?
बंगाल की नंदीग्राम सीट ममता बनर्जी का गढ़ मानी जाती रही है, लेकिन पिछला चुनाव हारने के बाद ममता ने इस सीट की ओर मुड़कर नहीं देखा. इस सीट को शुभेंदु अधिकारी भी अपना गढ़ मानते हैं. ये उनके राजनीतिक करियर का केंद्र रहा है. साल 2007 में भूमि अधिग्रहण कानून के खिलाफ आंदोलन को उन्होंने लीड किया था। 

Jeevan Ayurveda Clinic

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here