Home राजनीतिक महिला शक्ति पर BJP का फोकस, कार्यसमिति में 33% भागीदारी और पहली...

महिला शक्ति पर BJP का फोकस, कार्यसमिति में 33% भागीदारी और पहली मुस्लिम महिला की एंट्री

3
0
Jeevan Ayurveda

भोपाल
 मध्यप्रदेश भाजपा ने  अपनी बहुप्रतीक्षित प्रदेश कार्यसमिति की नई सूची जारी कर दी है। कुल 106 सदस्यों वाली इस नई टीम में संगठनात्मक संतुलन, अनुभव और सामाजिक प्रतिनिधित्व का विशेष ध्यान रखा गया है। पिछली बार 164 सदस्यों की तुलना में इस बार सूची को अधिक संक्षिप्त किया गया है। नई कार्यसमिति की पहली बैठक 15 जुलाई के आसपास ओरछा में आयोजित किए जाने की संभावना है। भाजपा प्रदेशाध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के कार्यकाल का एक वर्ष पूरा होने से ठीक पहले घोषित इस सूची को केंद्रीय दिशा-निर्देशों के अनुरूप तैयार किया गया बताया जा रहा है।

33% महिला प्रतिनिधित्व, सामाजिक संतुलन पर जोर
इस बार संगठन ने महिला भागीदारी को लेकर बड़ा कदम उठाते हुए लगभग 33 प्रतिशत हिस्सेदारी सुनिश्चित की है। कुल 35 महिला नेताओं को मुख्य कार्यसमिति में शामिल किया गया है। खास बात यह है कि भोपाल की बिलकिस जहां को पहली बार मुस्लिम महिला प्रतिनिधि के रूप में स्थान मिला है। इसके अलावा केंद्रीय मंत्री सावित्री ठाकुर, राज्यमंत्री कृष्णा गौर, संपतिया उइके, निर्मला भूरिया और पूर्व सांसद रीति पाठक जैसी प्रमुख महिला नेताओं को भी सूची में जगह दी गई है।

Ad

वरिष्ठ नेताओं को स्थाई आमंत्रण
पार्टी ने 41 वरिष्ठ नेताओं को स्थाई आमंत्रित सदस्यों की श्रेणी में शामिल किया है, जो पिछली सूची के मुकाबले बढ़ोतरी दर्शाता है। इसमें पूर्व लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन, अनुसुइया उइके, कुसुम मेहदेले, माया सिंह और यशोधरा राजे सिंधिया जैसी वरिष्ठ हस्तियां शामिल हैं। स्थाई आमंत्रित सूची में 8 वरिष्ठ महिला नेताओं को भी स्थान दिया गया है।

सत्ता और संगठन का मजबूत समन्वय
नई कार्यसमिति में सत्ता पक्ष और संगठन का स्पष्ट समन्वय देखने को मिला है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के साथ-साथ केंद्रीय मंत्रियों शिवराज सिंह चौहान, वीरेंद्र कुमार और ज्योतिरादित्य सिंधिया को भी स्थान दिया गया है।

इसके अलावा दोनों उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा और राजेंद्र शुक्ल सहित राज्य मंत्रिमंडल के 15 मंत्री, 3 राज्य मंत्री, 20 से अधिक विधायक तथा 6 लोकसभा और 3 राज्यसभा सांसदों को भी समिति में शामिल किया गया है।

सिंधिया समर्थकों को भी प्रतिनिधित्व
संगठन ने इस बार उन नेताओं को भी जगह दी है जो चुनावी हार के बाद सक्रिय राजनीति में अपेक्षाकृत कम प्रभाव में थे। इनमें इमरती देवी, महेंद्र सिंह सिसोदिया, ओपीएस भदौरिया, गिर्राज दंडौतिया और संतराम सिरोनिया जैसे नाम शामिल हैं। वहीं सिंधिया समर्थक दो मंत्री – तुलसी सिलावट और गोविंद राजपूत – को भी कार्यसमिति में जगह दी गई है। नई कार्यसमिति को भाजपा के संगठनात्मक ढांचे में सामाजिक संतुलन और राजनीतिक अनुभव के मेल के रूप में देखा जा रहा है।

 

Jeevan Ayurveda Clinic

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here