Home अध्यात्म वास्तु के अनुसार डोरमेट का रंग बदल सकता है घर की ऊर्जा

वास्तु के अनुसार डोरमेट का रंग बदल सकता है घर की ऊर्जा

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घर की दहलीज पर पड़े डोरमेट को केवल साफ-सफाई का साधन माना जाता है. लेकिन यह छोटी सी चीज भी घर की सकारात्मक और नकारात्मक ऊर्जा पर गहरा प्रभाव डाल सकती है. वास्तु में हर वो चीज जीवन पर प्रभाव डालती है जो लम्बे समय तक (करीब डेढ़ महीने से ज्यादा) एक ही स्थान पर रहे. मुख्य द्वार को घर की ऊर्जा का प्रवेश द्वार माना जाता है. ऐसे में दहलीज पर रखा डोरमेट न केवल घर में धूल-मिट्टी आने से रोकता है, बल्कि ऊर्जा के प्रवाह को भी प्रभावित करता है. सही दिशा में उचित रंग का डोरमेट लगाने से घर में सुख-समृद्धि, शांति और सकारात्मकता बढ़ती है. वहीं गलत रंग और दिशा नकारात्मक प्रभाव भी ला सकते हैं.

दिशा के अनुसार डोरमेट का रंग
उत्तर दिशा: यह दिशा धन और अवसरों से जुड़ी मानी जाती है. यहां नीले या हरे रंग का डोरमेट शुभ माना जाता है. इससे करियर में प्रगति और आर्थिक स्थिरता आती है.

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पूर्व दिशा: यह दिशा स्वास्थ्य और नई शुरुआत का प्रतीक है. सही लोगों से कनेक्शन और घर में सुख समृद्धि लाने की दिशा है. यहां हल्के हरे, क्रीम रंग के डोरमेट लगाने से सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है और घर के सदस्यों का स्वास्थ्य बेहतर रहता है.

दक्षिण दिशा: अग्नि तत्व से जुड़ी इस दिशा में लाल, गुलाबी और हरे रंग के डोरमेट उपयुक्त माने जाते हैं. ये रंग आत्मविश्वास और पहचान को मजबूत करते हैं. जीवन में लग्जरी, नाम, स्वास्थ को प्रबावित करती है यह दिशा.

पश्चिम दिशा: आकाश तत्व की इस दिशा में सफेद, ग्रे या हल्के रंग के डोरमेट लगाने से जीवन में स्थिरता और मानसिक संतुलन मिलता है. आपकी इच्छाओं की पूर्ति होती है.

गलत रंग के डोरमेट के नकारात्मक प्रभाव
अगर दिशा तत्व के विपरीत रंग का डोरमेट लगाया जाए तो इसका असर घर की ऊर्जा पर नकारात्मक रूप में दिख सकता है. उदाहरण के लिए, उत्तर दिशा में गहरे लाल या पीले रंग का डोरमेट लगाने से आर्थिक रुकावटें, अवसरों में कमी और तनाव बढ़ सकता है. इसी तरह दक्षिण दिशा में नीले, सफेद रंगों का डोरमेट लगाने से आत्मविश्वास में कमी और कार्यों में बाधाएं आ सकती हैं. पूरब दिशा में पीले और सफेद व पश्चिम दिशा में हरे और लाल रंग के डारमेट नहीं लगाने चाहिए.

इसके अलावा, गंदा या फटा हुआ डोरमेट भी नकारात्मक ऊर्जा को आकर्षित करता है. इससे घर में कलह, मानसिक अशांति और कामों में अड़चनें बढ़ सकती हैं. डोरमेट हमेशा स्वच्छ और सही स्थिति में होना चाहिए.

सही रंग के डोरमेट के सकारात्मक प्रभाव
दिसा तत्व के अनुरूप रंग का चुनाव करते हुए डोरमेट रखने से घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बढ़ता है. यह न केवल बाहरी नकारात्मक ऊर्जा को रोकता है, बल्कि सुख-समृद्धि और शांति को भी आमंत्रित करता है. सही डोरमेट से घर में प्रवेश करने वाले व्यक्ति को भी अच्छा और सुकून भरा अनुभव होता है.

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