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Ujjain News: शिप्रा तट पर साकार होगा भगवान श्रीकृष्ण का विश्वरूप, 151 फीट ऊंची प्रतिमा के निर्माण पर 220 करोड़ खर्च होंगे

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उज्जैन 

धार्मिक नगरी उज्जैन कालों के काल बाबा महाकाल के नाम से तो विश्व भर में विख्यात है ही, लेकिन अब इस नगरी का वैभव श्री कृष्ण की शिक्षास्थली के रूप में और भी बढ़ने वाला है. क्योंकि उज्जैन विकास प्राधिकरण 30 एकड़ की भूमि पर एक ऐसी परियोजना तैयार कर रहा है जिसमें 151 फीट ऊंची भगवान श्री कृष्ण की धातु की प्रतिमा लगाई जाएगी. यह प्रतिमा भगवान के विराट स्वरूप की होगी. जल्द ही इस योजना को मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव के सामने प्रस्तुत किया जाएगा और फिर इसकी स्वीकृति मिलते ही निर्माण प्रक्रिया शुरू की जाएगी। 

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उज्जैन विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष रवि सोलंकी ने जानकारी देते हुए बताया कि श्री महाकाल महालोक के बाद धार्मिक नगरी उज्जैन में पर्यटन को बढ़ावा देने पर जोर दिया जा रहा है. उन्होंने कहा कि 220 करोड़ की परियोजना लाई गई है. इस योजना के तहत उज्जैन विकास प्राधिकरण यूनिटी मॉल के पीछे शिप्रा नदी के तट पर 151 फीट की भगवान श्री कृष्ण की विराट स्वरूप प्रतिमा स्थापित करेगा. लगभग 30 एकड़ क्षेत्र कि इस परियोजना में भगवान श्री कृष्ण की प्रतिमा के साथ ही लाइट एंड साउंड, विशाल हरित पर्यटन क्षेत्र विकसित किया जाएगा. इस स्थान पर उद्यान, भ्रमण पथ, दर्शक दीर्घा के साथ ही पर्यटकों के लिए वह सभी सुविधाएं विकसित की जाएगी जिससे कि यहां आने वाले श्रद्धालु गुजरात के ‘स्टैचू ऑफ यूनिटी’ की तरह लाइट एंड साउंड शो को देख पाएंगे। 

स्टैच्यू आफ यूनिटी की तर्ज पर विकसित होगा परिसर
योजना के अनुसार यूनिटी माल के पीछे शिप्रा नदी क्षेत्र से लगी लगभग 30 एकड़ भूमि को एक विशेष धार्मिक-पर्यटन क्षेत्र के रूप में विकसित किया जाएगा। यहां हरित परिदृश्य, आकर्षक उद्यान, दर्शक दीर्घा, भ्रमण पथ और पर्यटकों के लिए आधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। प्रतिमा परिसर में स्टैच्यू आफ यूनिटी की तर्ज पर अत्याधुनिक लाइट एंड साउंड शो तथा प्रोजेक्शन मैपिंग का भी प्रावधान रखा गया है। इसके माध्यम से भगवान श्रीकृष्ण के जीवन, गीता के संदेश और भारतीय संस्कृति को आधुनिक तकनीक के जरिए प्रस्तुत किया जाएगा।

मुख्यमंत्री के समक्ष रखा जाएगा प्रस्ताव
परियोजना का प्रारंभिक खाका और वित्तीय प्रस्ताव तैयार हो चुका है। करीब 220 करोड़ रुपये की इस योजना को अगले कुछ दिनों में मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। स्वीकृति मिलने के बाद विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन और निर्माण प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। विशेषज्ञों का मानना है कि यह परियोजना केवल एक प्रतिमा निर्माण तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि उज्जैन को धार्मिक पर्यटन के राष्ट्रीय मानचित्र पर नई ऊंचाई प्रदान करेगी। महाकाल लोक के बाद यह परियोजना शहर के लिए एक और बड़ा आकर्षण बन सकती है। यदि योजना निर्धारित स्वरूप में साकार होती है तो भगवान श्रीकृष्ण के विराट रूप की यह प्रतिमा देश की सबसे बड़ी धातु निर्मित कृष्ण प्रतिमा के रूप में स्थापित हो सकती है।

यह भी जानिये
उज्जैन, मध्यप्रदेश शासन की ‘श्रीकृष्ण पाथेय परियोजना’ में शामिल है जिसके तहत 81 करोड़ रुपये से मंगलनाथ रोड स्थित महर्षि सांदीपनि आश्रम (वह स्थान जहां भगवान श्रीकृष्ण ने शिक्षा प्राप्त की) और 120 करोड़ रुपये से महिदपुर के नारायणा धाम का विकास एवं सुंदरीकरण कार्य भी होना है।

151 फीट ऊंची प्रतिमा का होगा निर्माण
स्टेच्यू ऑफ यूनिटी में सरदार वल्लभभाई पटेल की 182 मीटर ऊंची प्रतिमा बनाने वाले शिल्पकार रामवन सुतार के पुत्र डॉ अनिल राम सुतार के द्वारा भगवान श्री कृष्ण की 151 फीट ऊंची प्रतिमा का निर्माण किया जाएगा. बताया जाता है कि इस प्रतिमा का पेड स्टल 30 फीट ऊंचा रहेगा जिससे यह प्रतिमा और भी विशालकाय नजर आए। 

इस प्रतिमा के बारे में बताया जाता है कि यह प्रतिमा देश की सबसे बड़ी धातु निर्मित श्री कृष्ण की प्रतिमा होगी. इसके साथ ही लाइट एंड साउंड शो के दौरान पर्यटकों और श्रद्धालुओं को भगवान श्री कृष्ण के जीवन पर आधारित गीता के संदेश और भारतीय संस्कृति के बारे में बताया जाएगा। 

श्रद्धालुओं को आकर्षित करेगी यह प्रतिमा
धार्मिक नगरी उज्जैन में आने वाले भक्त मंदिरों में दर्शन करने के साथ ही शिप्रा तट पर होने वाली आरती देखने पहुंचते हैं. यही नहीं मां हरसिद्धि के दरबार में प्रतिदिन लगने वाली दीप मालिका भी भक्तों के आकर्षण का केंद्र रहती है, लेकिन इस प्रतिमा के निर्माण के बाद यह स्थल भी लोगों के खासे आकर्षण का केंद्र रहेगा. क्योंकि यहां पर ‘लाइट एंड साउंड’ के आयोजन भी होंगे। 

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