Home देश गलत वेरिफिकेशन पर एक लाख तक जुर्माना, नाप-तौल उपकरणों के लिए तीन...

गलत वेरिफिकेशन पर एक लाख तक जुर्माना, नाप-तौल उपकरणों के लिए तीन रिस्क कैटेगरी तय

3
0
Jeevan Ayurveda

नई दिल्ली
 पानी के मीटर, थर्मामीटर, ब्लड प्रेशर (बीपी) मापने वाली मशीन और पेट्रोल-डीजल पंपों के नोजल की सटीकता जांचने की व्यवस्था में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। दिल्ली सरकार के बाट एवं माप विभाग (लीगल मेट्रोलॉजी) ने पारदर्शिता बढ़ाने और लोगों को सही नाप-तौल सुनिश्चित करने के लिए 'दिल्ली लीगल मेट्रोलॉजी (गवर्नमेंट अप्रूव्ड टेस्ट सेंटर) नियम, 2026' का ड्राफ्ट जारी किया है।

ड्राफ्ट को मंजूरी मिलने के बाद सरकारी प्रयोगशालाओं के साथ गवर्नमेंट अप्रूव्ड टेस्ट सेंटर (जीटीसी) के तौर पर मंजूरी पाने वाली कॉरपोरेट कंपनियां, स्वतंत्र फर्म और NABL से मान्यता प्राप्त प्रयोगशालाएं भी नाप-तौल से जुड़े उपकरणों का वेरिफिकेशन और स्टैम्पिंग कर सकेंगी।

Ad

10 दिनों मे दे सकते हैं ड्राफ्ट पर सुझाव और आपत्तियां
ड्राफ्ट नियमों पर 10 दिनों के भीतर सुझाव और आपत्तियां मांगी गई हैं। इन्हें डाक या ईमेल के जरिए भेजा जा सकता है। सुझावों पर विचार के बाद नियमों को अंतिम रूप देकर अधिसूचित किया जाएगा। सुझाव और आपत्तियां नियंत्रक, कानूनी मापविज्ञान विभाग, प्लॉट नंबर-17, इंस्टीट्यूशनल एरिया, विश्वास नगर, दिल्ली-110032 के पते पर भेजी जा सकती हैं। इन्हें controllerwmd@gmail.com या acwmhq@gmail.com पर ईमेल भी किया जा सकता है।

नाप-तौल उपकरणों की तीन रिस्क कैटेगरी, हाई रिस्क की जांच जरूरी
ड्राफ्ट के मुताबिक, नाप-तौल के उपकरणों को जोखिम के आधार पर तीन श्रेणियों में बांटा गया है। हाई रिस्क श्रेणी में बीपी मशीन, वॉटर मीटर, पेट्रोल-डीजल और सीएनजी नोजल, बिजली मीटर, वेइंग ब्रिज और टैंक ट्रक आदि शामिल हैं। इनकी जांच जीटीसी या विभागीय लैब से कराना अनिवार्य होगा। मीडियम रिस्क श्रेणी में दुकानों और सब्जी विक्रेताओं के तराजू, काउंटर मशीन और थर्मामीटर आदि शामिल हैं। वहीं, लो रिस्क श्रेणी में घरों में इस्तेमाल होने वाले किचन स्केल और बाथरूम स्केल जैसे उपकरण रखे गए हैं। इनके लिए सेल्फ-सर्टिफिकेशन का प्रावधान किया गया है।

बीमा और जुर्माने का भी प्रावधान

  • टेस्ट सेंटर की मंजूरी के लिए प्रति उपकरण 2.5 लाख रुपये सालाना फीस प्रस्तावित है। लापरवाही या गलत जांच से होने वाले नुकसान से बचाव के लिए अप्रूव्ड सेंटरों के लिए थर्ड-पार्टी लायबिलिटी इंश्योरेंस अनिवार्य किया जा सकता है।
  • नियमों के उल्लंघन या गलत वेरिफिकेशन की स्थिति में एक लाख रुपये तक का जुर्माना लगाने के साथ लाइसेंस निलंबित या रद्द करने का प्रावधान भी प्रस्तावित है।
Jeevan Ayurveda Clinic

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here