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गरीबी नहीं बनी बाधा! मजदूर मां और ठेला चलाने वाले पिता की बेटियां हॉकी में कर रहीं कमाल

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 बड़वानी
राष्ट्रीय खेल दिवस के मौके पर जब पूरा देश हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद को नमन कर रहा है, वहीं मध्यप्रदेश का जनजातीय बहुल जिला बड़वानी हॉकी के नए गढ़ के रूप में उभर रहा है। गरीबी और अभावों को मात देकर यहां की बेटियां और बेटे अपने पसीने से संघर्ष की नई इबारत लिख रहे हैं। किसी की मां ने मजदूरी की और किसी के पिता ठेला चलाकर जीवन यापन कर रहे पर बेटियों का हौसला देखिए- सारी बाधाओं को पार कर वे मेडल पर मेडल जीती जा रहीं हैं। शिवानी, सलोनी और मनप्रीत कौर जैसी अनेक हॉकी प्लेयर देश विदेश में अपना हुनर दिखा रहीं हैं।

सरकारी स्कूलों में फ्री कोचिंग, किट और बेहतर कोच की सुविधा के चलते युवा खिलाडिय़ों ने हॉकी में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी चमक बिखेरी है। जिले से मप्र राज्य हॉकी अकादमी, ग्वालियर में 6 बालिकाओं का चयन हुआ। एशियन चैंपियनशिप में स्नेहा दावदे, पिंकी दावदे और मोनिका राठौर खेल चुकी हैं। वहीं, रजनी वास्कले ने स्पोट्र्स कोटे से यूनियन बैंक में नौकरी हासिल की है। खास बात यह है कि बेटियों की सफलता को देखते हुए अब अभिभावक भी बेटियों को हॉकी स्टिक थमा रहे हैं।

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बेटियों ने दिखाया हॉकी में दम
पीजी कॉलेज के पीछे रहने वाली 16 वर्षीय शिवानी बामनिया गरीबी को हराते हुए राष्ट्रीय स्तर पर अपनी चमक बिखेर रही हैं। वर्ष 2017 में पिता छोटू बामनिया के निधन के बाद मां ने झाड़ू-पोंछा और मजदूरी करके परिवार को संभाला। मोहल्ले की लड़कियों को देखकर हॉकी शुरू करने वाली शिवानी आज ग्वालियर अकादमी के हॉस्टल में रहकर पढ़ाई और खेल का अभ्यास कर रही हैं।

पिता चला रहे ठेला, बेटी जीत रही मेडल
विवेकानंद विहार कॉलोनी की 15 वर्षीय मनप्रीत कौर के पिता ओंकार सिंह ठेला गाड़ी चलाकर परिवार का पालन करते हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद मनप्रीत ने 4 वर्षों में शानदार प्रदर्शन करते हुए सात राष्ट्रीय स्पर्धाओं में भाग लिया है। उन्होंने वेस्ट जोन नेशनल में एक स्वर्ण व एक रजत पदक अपने नाम किया है। वह रायपुर स्पोट्र्स अकादमी अभ्यास कर रही है।

दो साल पूर्व स्कूल गेम्स फेडरेशन ऑफ इंडिया की 68वीं राष्ट्रीय हॉकी प्रतियोगिता (अंडर 14 बालिका) में भी मनप्रीत कौर का चयन हुआ था। उनके साथ ही बड़वानी की ही खिलाड़ी यामिनी राठौड़ ने भी प्रदेश की ओर से प्रतिनिधित्व किया था। मनप्रीत तब राज्य महिला हॉकी अकादमी ग्वालियर में ट्रेनिंग ले रही थी जब​कि यामिनी मॉडर्न अकादमी अंजड़ में अध्ययनरत थी। इसके पूर्व भी दोनों खिलाड़ी मध्यप्रदेश टीम का प्रतिनिधित्व कर चुकी थीं।

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