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2027 वर्ल्ड कप से पहले बुमराह को लेकर चिंतित रवि शास्त्री, फील्डिंग को बताया टीम इंडिया की सबसे बड़ी कमजोरी

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नई दिल्ली
 भारत के पूर्व कोच रवि शास्त्री ने न्यूजीलैंड दौरे के लिए टी20 टीम में भुवनेश्वर कुमार को मौका मिलने पर खुशी जताई है। इसके साथ ही उन्होंने कहा है कि मोहम्मद शमी को वनडे और टेस्ट टीम में शामिल किया जाना चाहिए। शास्त्री का मानना है कि चोट से उबरने के बाद शमी ने घरेलू क्रिकेट में अच्छा प्रदर्शन किया है और वह साबित कर चुके हैं कि वह अच्छी लय में हैं। भारत 22 अक्टूबर से न्यूजीलैंड का कठिन दौरा शुरू करेगा, जिसमें 5 टी20, 5 वनडे और 2 टेस्ट शामिल हैं।

शास्त्री ने टाइम्स ऑफ इंडिया से बातचीत के दौरान कहा, 'अनुभव का कोई विकल्प नहीं है। जब आपके पास भुवनेश्वर की क्वालिटी और अनुभव वाला गेंदबाज होता है, तो यह कोई मुश्किल काम नहीं है। उसने लाल और सफेद दोनों गेंदों से इतना कुछ किया है कि उसे टेस्ट और वनडे टीम में वापस बुलाया जा सके।

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बुमराह के वर्कलोड पर ध्यान देना जरूरी
अनुभवी खिलाड़ियों की वापसी की वकालत करते हुए, शास्त्री ने जोर दिया कि भारत को 2027 वनडे वर्ल्ड कप की तैयारी में जसप्रीत बुमराह के वर्कलोड को ध्यान से मैनेज करना चाहिए। उन्होंने कहा, 'मुझे नहीं लगता कि उसे वर्ल्ड कप तक तीनों फॉर्मेट खेलने चाहिए। उसे मुख्य रूप से टेस्ट क्रिकेट पर ध्यान देना चाहिए और वनडे और टी20 में कभी-कभी खेलना चाहिए। मैं उसे न्यूजीलैंड में होने वाले 2 टेस्ट मैचों के लिए बचाकर रखना चाहूंगा, जहां वह बहुत जरूरी होगा।'

भारत के लिए बेहद अहम है न्यूजीलैंड दौरा
रवी शास्त्री का मानना ​​है कि 6 हफ्ते का न्यूजीलैंड दौरा भारतीय क्रिकेट के लिए एक अहम बेंचमार्क साबित हो सकता है। 2027 वनडे विश्व कप दक्षिण अफ्रीका में होना है। ऐसे में न्यूजीलैंड के दौरे की अहमियत बढ़ जाती है। उन्होंने कहा, 'पूरा दौरा जरूरी है। इससे साफ पता चलेगा कि भारतीय क्रिकेट किस ओर जा रहा है। वहां के हालात भी कुछ हद तक वैसे ही दिख सकते हैं, जैसे भारत को वर्ल्ड कप के दौरान साउथ अफ्रीका में मिलेंगे।'

भारत का टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल खेलना मुश्किल
भारत की वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप की उम्मीदें अभी भी एक बड़ी चुनौती बनी हुई हैं। शास्त्री ने कहा, 'इंडिया के लिए फाइनल के लिए क्वालीफाई करना एक मुश्किल काम है। उन्हें शायद अपने बचे हुए मैचों में से लगभग 90 परसेंट जीतने होंगे, जिसमें न्यूजीलैंड में दोनों टेस्ट और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 5 में से कम से कम 4 मैच शामिल हैं। यह नामुमकिन नहीं है, लेकिन बहुत कुछ दूसरे नतीजों पर भी निर्भर करता है।' उन्हें उम्मीद है कि न्यूजीलैंड के हालात इंडिया की बैटिंग के लिए कड़ी परीक्षा होंगे। उन्होंने कहा, 'न्यूजीलैंड सर्दियों से बाहर आ रहा होगा, इसलिए पिचें फ्रेश और सीम और स्विंग के लिए अच्छी होनी चाहिए। बॉल हवा में और सरफेस से हटकर मूव करेगी, और हवा चीजों को और भी मुश्किल बना सकती है। इंडिया को जल्दी से एडजस्ट करना होगा।'

न्यूजीलैंड में पार्टनरशिप बेहद जरूरी
रवि शास्त्री के मुताबिक न्यूजीलैंड में पार्टनरशिप बहुत जरूरी होंगी, क्योंकि उन हालात में विकेट एक साथ गिर सकते हैं। टेस्ट कैप्टन शुभमन गिल के सामने लीडरशिप का एक बड़ा टेस्ट है, हालांकि शास्त्री ने नंबर 4 बैट्समैन को इससे निपटने के लिए सपोर्ट किया। उन्होंने कहा, 'यह एक यंग कैप्टन के लिए एक बहुत बड़ा चैलेंज है, लेकिन गिल प्राइम फॉर्म में हैं और उन्होंने न्यूजीलैंड में हमेशा अच्छा परफॉर्म किया है। वह हालात जानते हैं।'

पंत को लेकर क्या बोले?
ऋषभ पंत को लेकर शास्त्री ने कहा, 'स्मार्ट बनो, मैंने पंत से इसके अलावा कभी कुछ नहीं कहा। उसमें बहुत काबिलियत है और उसे अपना नैचुरल गेम नहीं बदलना चाहिए। बस मैच की सिचुएशन का ध्यान रखो।' रवि शास्त्री ने फील्डिंग को भारत की सबसे बड़ी चिंता बताया। उन्होंने कहा, 'मैं सबसे बड़ा सुधार फील्डिंग में देखना चाहता हूं। यह बहुत ज्यादा गिर गई है। बड़े टूर्नामेंट जीतने के लिए, स्टैंडर्ड बहुत ऊंचे होने चाहिए। बैटिंग और बॉलिंग में कंसिस्टेंसी जरूरी है, लेकिन फील्डिंग वह एरिया है जो मुझे सबसे ज्यादा परेशान करता है।

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