Home मध्य प्रदेश मुख्य सचिव बर्णवाल ने पांचवी राज्य स्तरीय एनसीओआरडी बैठक में दिए निर्देश

मुख्य सचिव बर्णवाल ने पांचवी राज्य स्तरीय एनसीओआरडी बैठक में दिए निर्देश

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मादक पदार्थों के सम्पूर्ण रैकेट को खत्म करने के लिए सभी संबंधित विभाग अभियान चलाएं
शिक्षण संस्थाओं में एंटी ड्रग समितियां गठित होंगी

भोपाल
मध्यप्रदेश को मादक पदार्थों से मुक्त बनाने के लिए राज्य शासन के अनेक विभाग संयुक्त अभियान चलाये और शुरूआत में 500 से अधिक विद्यार्थी वाले उच्च शिक्षण संस्थानों में शिक्षक, पालक, विद्यार्थी, उच्च शिक्षा, सामाजिक न्याय विभाग तथा पुलिस को समाहित कर एंटी ड्रग समितियों का गठन किया जायेगा। मुख्य सचिव श्री अशोक बर्णवाल गुरूवार को मंत्रालय में पांचवी राज्य स्तरीय एनसीओआरडी बैठक में समीक्षा कर रहे थे। पुलिस महानिदेशक श्री कैलाश मकवाना सहित अनेक विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव, विभागाध्यक्ष नार्कोटिक्स और पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी बैठक में उपस्थित थे।

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मुख्य सचिव श्री बर्णवाल ने बैठक में कहा कि जिस प्रकार प्रदेश में नक्सलवाद को समाप्त किया गया है उसी प्रकार आगामी दो तीन वर्षों में अवैध मादक पदार्थों के संपूर्ण रैकेट को खत्म करने के लिए संबंधित विभाग गंम्भीरता पूर्वक ऐसा अभियान चलाए जिसका समाज के सभी वर्गों तक स्पष्ट संदेश जाए। सभी विभाग त्रि-वर्षीय विशेष अभियान के लिए अपने आंतरिक लक्ष्य निर्धारित कर कार्य-योजना बनायेंगे। मुख्य सचिव ने ड्रग नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए सूचना तंत्र को सदृढ़ करने के साथ ही नार्कोटिक्स वर्टिकल, एसआईबी और स्थानीय पुलिस के बीच बेहतर समन्वय करने के निर्देश दिए।

ड्रग विनिष्टिकरण में मध्यप्रदेश पहले स्थान पर दो वर्ष में 2 लाख 74 हजार 405 किलो ड्रग विनिष्ट
मुख्य सचिव श्री बर्णवाल ने मध्यप्रदेश में ड्रग विनिष्टिकरण की कार्रवाई में देश में मध्यप्रदेश के पहले स्थान पर रहने पर संतोष व्यक्त किया। बैठक में बताया गया कि अफीम मॉर्फीन, कोडीन आदि के वर्ष 2025 में 2073 प्रकरणों में कुल 144025 किलोग्राम एवं वर्ष 2026 में 30 सितम्बर तक 2756 प्रकरणों में कुल 130380 किलोग्राम मादक पदार्थों का विनिष्टिकरण किया गया है। बैठक में बताया गया कि ड्रग नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए सभी संबंधित विभागों ने समन्वय कर इस वर्ष 30 सितम्बर तक एनडीपीएस के 2986 मामलों में 4091 आरोपियों से 50933 किलोग्राम मादक पदार्थं जब्त किया है।

नशामुक्ति अभियान में देश में मध्यप्रदेश टॉप 2 में, नशामुक्त विद्यालय अभियान चलाया जाए
मुख्य सचिव श्री बर्णवाल ने नशामुक्ति अभियान में देश में मध्यप्रदेश के टॉप 2 में आने पर संतोष व्यक्त किया और सभी संबंधित विभागों की सराहना की। शासकीय और अशासकीय शिक्षण संस्थान में नशामुक्त विद्यालय अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि 500 से ज्यादा छात्र संख्या वाले संस्थानों में एंटी ड्रग समिति गठित करें और शिक्षक और विद्यार्थियों को जागरूक किया जाए। ऐसा सूचना तंत्र विकसित किया जाए जिसमें सूचना देने वाले विद्यार्थी और शिक्षक आदि की पहचान गोपनीय रखी जायेगी। इन समितियों का नोडल ऑफीसर स्थानीय पुलिस थाने के बीट इंचार्ज को बनाया जाएगा। उन्होंने मादक पदार्थों के संबंध में सूचना देने के लिए नार्कोटिक्स विभाग के हेल्पलाइन नंबर 1933 का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने सामाजिक न्याय विभाग को निर्देश दिए कि ऐसे जिले जहाँ नशामुक्ति केंद्र नहीं है वहां से 31 तक अक्टूबर तक प्रस्ताव प्राप्त करें और यह सुनिश्चित करें कि प्रदेश के सभी जिलों में नशामुक्ति केंद्र स्थापित हो जाएं। वर्तमान में सामाजिक न्याय विभाग के 31 और स्वास्थ्य विभाग के 10 नशामुक्ति केंद्र संचालित है।

18 गुप्त मादक प्रयोग शालाएं ध्वस्त
बैठक में बताया गया कि प्रदेश में एनसीबी का राष्ट्रीय नार्कोटिक्स का हेल्पलाइन मानस पोर्टल 1933 संचालित किया जा रहा है। जिस पर मादक पदार्थों से जुडी गुप्त सूचनाएं प्राप्त हो रही है। प्रदेश में वर्ष 2025-2026 में कुल 811 शिकायातें प्राप्त हुईं। मध्यप्रदेश पुलिस, एनसीबी, डीआरआई और सीबीएन ने इस दौरान प्रदेश में मादक पदार्थों की 18 मादक पदार्थों की गुप्त प्रयोगशालाओं पर प्रभावी कार्यवाही कर ध्वस्त किया है।

एनडीपीएस के प्रकरणों में 446 करोड़ की संपत्ति अटैच
बैठक में बताया गया कि मध्यप्रदेश में मादक पदार्थं के अवैध कारोबार में संलग्न व्यक्तियों के विरूद्ध कठोर कार्यवाही की गयी है। एनडीपीएस के वर्ष 2025 में 54 प्रकरणों में 300 करोड़ और वर्ष 2026 में 38 प्रकरणों में 146 करोड़ रूपये की संपत्ति अटैच करने की कार्यवाही की गयी है। सितम्बर 2026 तक एनडीपीएस के 201 विशेष ट्रॉयल मामलों को मॉनीटिरिंग में लिया गया है। इसी अवधि में न्यायालयों में लंबित मामलों में 8 में दोष सिद्धी हुई है।

मुख्य सचिव श्री बर्णवाल ने मध्यपद्रेश में संचालित कैमिकल फैक्ट्रियों में उपयोग होने वाले प्रीकर्सर के डायवर्जन को रोकने के लिए उद्योग, श्रम, स्वास्थ्य एवं गृह विभाग को कार्य-योजना बनाकर निगरानी तंत्र या विशेष दस्ता बनाकर औद्योगिक क्लस्टर्स और एसोसिएशन की सूची आपस में साझा कर उल्लंघन करने पर कार्यवाही करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कोडीन बेस्ड कफ शीरप जैसी दवाईयों की आपूर्ति एवं वितरण के लगातार परीक्षण एवं लायसेंस प्रक्रिया को समेकित करने के लिए कम्प्यूटराइजेशन करने के निर्देश दिए हैं। बैठक में बताया गया कि सामाजिक न्याय विभाग द्वारा घोषित किये नशामुक्त क्षेत्रों की जानकारी कलेक्टर और एसपी को साझा की जाए। मुख्य सचिव श्री बर्णवाल ने एफएसएल को एनडीपीएस एक्ट के तहत भेजे गए सैंपल की जाँच रिपोर्ट 15 दिवस में प्राप्त किए जाने के लिए कार्य-योजना निर्धारित करने को कहा है।

 

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